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प्रश्नोत्तर P21-0200 · भाग 21

गुरु जी, अगर जीव चला गया तो शरीर काम नहीं करेगा — तो वो जीव ही "मैं" है? जीव और आत्मा में क्या संबंध है?

जीव तब तक है जब तक अपने तरीके से चाहिए; अपने तरीके से मुक्त हो गया तो आत्म तत्व में स्थिर हो जाएगा। जैसे पानी से बर्फ बना — बर्फ के पीछे अभी भी पानी है, लेकिन बर्फ बना है तो उसके पीछे कोई कारण है; वो कारण हटा दोगे तो बर्फ पानी हो जाएगा। वैसे ही मैं आत्मा पूरे आनंद में था, और किसी कारणवश जीवात्मा हो गया; वो कारण हटाऊंगा तो जीव का नाश हो जाएगा, जैसे बर्फ का नाश होता है, और मैं आत्म तत्व में स्थिर हो जाऊंगा। बर्फ कहां गया, बताया नहीं जा सकता — वो मूल पानी में आ गया। तो वो कारण हटाना है — जिस कारण से मैं दुखी हूं, निराश, उदास, बेचैन, बेईमान, अशांत, व्याकुल हूं। मैं किसी के पास गया तो कुछ लेने गया — लेने का भाव छोड़ोगे तो वो व्यक्ति छूट जाएगा; लेने का भाव नहीं छोड़ा और व्यक्ति को छोड़ना चाहा, तो रूप बदल जाएगा, दूसरा व्यक्ति पकड़ लोगे, लेकिन वो खड़ा का खड़ा रह जाएगा।

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वीडियो: मैं कौन हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 28 जून 2026 #योगी · 2026-06-29