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प्रश्नोत्तर P21-0199 · भाग 21

गुरु जी, मेरा मन और बुद्धि जो बताएंगे, उसी हिसाब से तो हम करते हैं — तो करने वाला मन-बुद्धि है ना?

मन शरीर की जरूरत को बताता है — इंगित करता है। आपको भूख लगी, मन ने बताया; लेकिन क्या खाना है ये आप फैसला करोगे। बाथरूम लगी, मन ने इंगित किया; कहां करनी है, कब करनी है ये आपकी समझ फैसला करती है। बुद्धि के द्वारा आप करते हो — बुद्धि को चलाने वाला कौन? क्या आप बुद्धि हो? बुद्धि के पीछे आप खड़े हो। मैं इस हाथ से उठा रहा हूं तो ये किसने आदेश दिया — हाथ ने? बुद्धि के द्वारा मैंने दिया; जैसी मेरे पास जानकारी थी उसे लेके मैं आगे बढ़ा — बुद्धि जानकारी का आदान-प्रदान है। बुद्धि को, इस शरीर को यूज़ करने वाला मैं हूं। आज अगर दुखी है तो मैं हूं — क्या कान दुखी होता है, आंख दुखी होती है, हाथ दुखी होता है? मन और बुद्धि दोनों तुमसे भिन्न हैं; गाना सुनना है तो कान से सुनूंगा, रूप का स्वाद आंख से लूंगा — उपयोगकर्ता मैं हूं। किसी का हाथ नहीं, पांव नहीं, कान-आंख नहीं, तो क्या वो नहीं है? कोई कोमा में चला जाता है, पूरा शरीर काम नहीं करता, फिर भी वो होता है — वही तो जीव है, जीवात्मा।

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वीडियो: मैं कौन हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 28 जून 2026 #योगी · 2026-06-29