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प्रश्नोत्तर P22-0012 · भाग 22

बाबा, तो फिर जीवन का लक्ष्य क्या है?

यह आपको पता करना है कि जीवन का लक्ष्य क्या है। सबके जीवन का लक्ष्य अलग-अलग है — कोई राजगद्दी पाके खुश है, कोई राजगद्दी छोड़ के खुश है। मेरे समय से जितना मैंने समझा, इस मानव तन का मतलब यह है कि इसमें आने वाला उस परम सत्ता से मिलना करा ले — बस यही लक्ष्य होना चाहिए, इसीलिए शरीर मिला है। बाकी जितने भी अन्य जीव हैं, भोग-भोजन कर रहे हैं, उनके लिए प्रकृति की निशुल्क व्यवस्था है; मानव ही ऐसा है जो पैदा करके खाता है। इसका लक्ष्य है परम सत्ता से मिलना। जब तक उससे मिलना नहीं होगा, खालीपन रहेगा; खालीपन दूर करने के लिए उससे मिलना होगा। बाकी चीजों से तो शरीर की जरूरत पूरी होगी।

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वीडियो: जिंदगी में दुख है तो जीना क्यों है ? #योगीजी_का_सत्संग · 2025-03-05