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प्रश्नोत्तर P22-0033 · भाग 22

गुरु जी, संतों ने नरक, स्वर्ग, अपवर्ग का जैसा वर्णन किया है, वह सुख की श्रेणी में आता है, लेकिन सत्संग आनंद में ले जाता है — तो क्या सुख के त्याग के बाद ही आनंद प्रकट हो सकता है? क्या सत्संग के अलावा भी कोई आनंद है?

आप में — जहां सत्संग भी छूट जाता है। सत्संग वहीं तक तो ले जाता है — आप तक।

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वीडियो: माया को सस्ती क्यों कर देती है ब्रह्म की मस्ती ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2025-04-21