प्रश्नोत्तर P22-0036 · भाग 22
गुरु जी, वेदांत कहता है कि महत्ता देकर हमने माया का निर्माण किया और महत्ता खोकर ही हम "हम" हो पाते हैं। तो महत्व छोड़ने में क्या प्रयास की आवश्यकता होती है, और इसमें समय और अवधि का क्या महत्व है?
बस आपने उसे महत्व दिया है — आप छोड़ दीजिए, बात खत्म। प्रयास करके पकड़ा है तो प्रयास करके छोड़ना पड़ेगा। और इसमें समय-अवधि का कोई महत्व नहीं — जब चाहे तब छोड़ दो। लंबे काल से महत्व देके पकड़ा है तो भी छोड़ने में लंबी अवधि नहीं लगती, छोड़ने में क्षण लगता है। बनाने में बहुत समय लगता है, बिगाड़ने में एक क्षण लगता है। सामान जुटाने में आपको बहुत समय लगा है — चाहो तो एक झटके में आग लगा दो, सब खत्म। क्या आप तैयार हो? बस।
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वीडियो: माया को सस्ती क्यों कर देती है ब्रह्म की मस्ती ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2025-04-21