प्रश्नोत्तर P22-0052 · भाग 22
गुरु जी, यहां रहते हुए हम ज्यादातर आपके साथ रहते हैं क्योंकि यहां मोबाइल भी अलाउ नहीं, किसी से बात भी नहीं कर सकते; लेकिन यहां से जाने के बाद सोशल मीडिया भी रहेगा, लोग भी रहेंगे — उसे कैसे मेंटेन करें?
इस जगह को छोड़कर कहीं और जाके रहिए और वहां मोबाइल स्विच ऑफ करके रखिए, देखिए आप रह पाते हो? कभी ट्राई करिए — दो दिन बिना काम के, कुछ ना करना; जैसे यहां बैठे रहते हो वैसे बैठना, एक टाइम नाश्ता, एक टाइम भोजन, बस, और कुछ खाना-पीना मत, काढ़ा ले लेना — दो दिन रह के देखो। हो सकता है भाग जाओ, क्योंकि धारणा मजबूत नहीं रहेगी कि "नहीं, करना ही करना है।" यहां सिस्टम है, और सिस्टम के साथ ऊर्जा भी है — सिर्फ सिस्टम से काम नहीं चलता; यहां दिन बीत जाता है, रात बीत जाती है, पता नहीं चलता, कब रात के तीन से चार बज जाते हैं। आप अपने घर पे या कहीं एकांत में झोपड़ी में जाके रहो — दो घंटे दो दिन के बराबर लगेंगे, समय ही नहीं बीतेगा।
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