प्रश्नोत्तर P22-0062 · भाग 22
गुरु जी, जो लोग आपके पास हमेशा के लिए नहीं रह सकते, क्या उनके लिए आत्मज्ञान की कोई उम्मीद नहीं है?
नहीं, ऐसा नहीं है — आप चाहे जहां भी रहें। आपको छोड़ना क्या है? बेईमानी-दुष्कर्म, योग्यता से ज्यादा पाने की इच्छा का त्याग, मान की इच्छा का त्याग, दिखावे का त्याग, बड़ा-छोटा बनने का त्याग — छोड़ दो। और एक-दो बार मिलना अच्छा लगता है तो मिलते रहो। जो कहते हैं टाइम नहीं मिलता — किसके पास टाइम नहीं है? जिंदगी में टाइम ही टाइम है; आप देना नहीं चाहते, आपको गप मारनी है, दूसरी जगह के प्लान बनाते रहते हो — बस यही बात है।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: माया को सस्ती क्यों कर देती है ब्रह्म की मस्ती ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2025-04-21