प्रश्नोत्तर P22-0114 · भाग 22
गुरु जी, आत्मिक सेवा क्या होती है, जरा समझाइए — क्या वह की जा सकती है या अपने आप होती है?
भावनाओं से किया गया सेवा आत्मिक सेवा है — प्रेम की सेवा, बिना इच्छा-अपेक्षा के। बनावटी भाव नहीं चलेगा कि 'हां, आज मैं कर रहा हूं'; ऐसा भाव कोई बना थोड़ी सकता है — वह पहले से अंदर होता है, स्वभाव होता है; पिछले जन्म का अधूरा इस जन्म में पूरा हो रहा हो, कुछ भी हो सकता है। आपने देखा, कभी आप लोगों ने मुझसे कुछ मांगा तो मैं भोजन छोड़ के भी देने के लिए चला आता हूं। जो शरीर के स्तर पे जीता है, वह आत्मिक स्तर पर सेवा नहीं कर सकता।
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वीडियो: हम जरूरतमंद की पहचान कैसे करें ? || pahchan kaise kare jaruratmand || #livesatsang · 2025-04-20