प्रश्नोत्तर P22-0145 · भाग 22
गुरु जी, लेकिन हमारी आत्मज्ञान की यात्रा तो शुरू हो चुकी है — क्या ऐसा कह सकते हैं?
छुड़ाने की यात्रा कह सकते हो, आत्मज्ञान की यात्रा नहीं — क्योंकि आत्मज्ञान तो पहले से मौजूद है, उसकी यात्रा ही नहीं करनी। मूल में आने के बाद सब बात ही खत्म — वहीं से शुरुआत है; जब वहां पहुंचेंगे तब समझ में आएगा।
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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19