प्रश्नोत्तर P22-0144 · भाग 22
गुरु जी, आपने बोला कि हम अभी तक निकलने की, छुड़ाने की प्लानिंग कर रहे हैं, यात्रा अभी शुरू नहीं हुई — तो यात्रा शुरू कब होगी? क्या जब हम जरूरतमंद की सेवा करेंगे और सत्कर्म-ईमानदारी अपनाएंगे, तब मानेंगे कि यात्रा शुरू हुई?
नहीं। वह भी प्लानिंग में ही आया — सत्कर्म भी हम इसलिए कर रहे हैं कि निकलें। जब ईमानदारी-सत्कर्म भी आपके जीवन से छूट जाएगा, तब जाकर यात्रा की शुरुआत होगी। अभी तो हमें उस प्रोसेस से गुजरना है। इस बात को समझिए — ये ब्रह्म है, ये जगत है; आप यहां आईं, फिर आपने इस जगत में अपने एक जगत का निर्माण किया। अब आपको समझ में आया कि मेरे जगत में बड़ी अशांति है, तो आप वहां से छुड़ा रही हैं — तो छुड़ाने की प्रोसेस चल रही है, यात्रा थोड़ी ना हो रही है, वह भी तैयारी चल रही है। फिर आप छुड़ाकर मूल में आएंगे — मूल मतलब अपने आप में आना, स्व में आना; वही आत्मज्ञान होगा। उसके बाद यात्रा की शुरुआत।
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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19