प्रश्नोत्तर P22-0152 · भाग 22
गुरु जी, बहुत लोग अकेले होने से डरते हैं — काम के बाद, वीकेंड पर भी फुर्सत नहीं; गैजेट्स की स्लेवरी बन गए हैं, किसी घर में चार-पांच कंप्यूटर, काम का फोन, पर्सनल फोन...
वे सब किसके लिए हैं? काम के लिए। आपके लिए क्या है? आपके घर में, आपके जीवन में आपके लिए क्या है? जितना है, जरूरत तक है, शरीर तक है। आपके पास क्या है — आप; पर आप भी तो आपके पास नहीं हो, आपका होना तो कहीं और है। एक तो आपके लिए कुछ नहीं है, और आप भी हो तो कहीं और हो — इसीलिए तो जीवन अशांत है। समझने के बाद अगर हो जाओ तो ठीक; पर उम्मीद छूटेगी तभी हो पाओगे, उम्मीद नहीं छूटेगी तो हो भी नहीं पाओगे — और हर तरह से उम्मीद छोड़नी होगी। सब जुटाने में आपने अपने आप को लोगों को दे दिया; जिसके लिए जुटा रहे थे, वही आपके पास नहीं है। तो जुटा किसके लिए रहे हो? मात्र संसाधन के चक्कर में आपने अपने आप तक को खो दिया — ये क्या सौदा किया?
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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19