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प्रश्नोत्तर P22-0153 · भाग 22

गुरु जी, इसीलिए कहते हैं कि अपने साथ प्यार करना?

प्यार से इतना प्यार कर लो कि प्यार किसी से प्यार करने के लायक ना रहे — शायर ने लिखा है। लायक रहोगे तो फिर जाकर कहीं और भिड़ जाओगे, कहीं और टूट पड़ोगे — यही तो आदत है। तुम लायक ही ना रहो।

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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19