आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P22-0156 · भाग 22

गुरु जी, अक्सर लोग कहते हैं कि भगवान की कृपा से, या दर्शन करने की वजह से मेरा ये काम हो गया — सच में ईश्वर की कृपा से होता है या अपने कर्म से?

मूल कर्म है; कर्म ही मूल तक लेकर जाता है। उसकी कोई कृपा नहीं है; ऊर्जा अपने आप है, उससे कोई मतलब नहीं — जितना आपका कर्म है। देखो, बहुत लोग ऑक्सीजन पे जीते हैं, बोतल लगाकर ऑक्सीजन ले रहे हैं, पैसा दे रहे हैं — सीधा क्यों नहीं ले पा रहे? क्योंकि जितना कर्म किया था उतना मिल गया, अब पैसा भरो। यहां कुछ फ्री में नहीं मिलता, कोई किसी की कृपा नहीं — इस बात को समझो। उसके पीछे शक्ति किसकी? आपकी। और दर्शन से तो मुक्त होना है। जैसे एटीएम में बहुत सारा पैसा है, लेकिन जितना आपके अकाउंट में है उससे ज्यादा नहीं निकाल सकते; किसी के अकाउंट में पैसा ही नहीं है तो क्या एटीएम उसे देगी? उसमें शक्ति है, पर वह तुम्हारी शक्ति नहीं है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19