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प्रश्नोत्तर P22-0158 · भाग 22

गुरु जी, कहते हैं आत्मज्ञानी की प्रकृति मदद करती है — क्या ऐसा है? और अगर कोई बवंडर, बारिश आ गई तो क्या उसे फर्क पड़ेगा, तकलीफ नहीं होगी?

इसमें मदद की क्या बात है? प्रकृति उसके अनुकूल होती है। अगर कोई व्यक्ति किसी पोस्ट पे बैठा है और पूरा सिस्टम उसके लिए काम कर रहा है, तो क्या वह उसकी मदद कर रहा है? नहीं, वह सिस्टम की एक व्यवस्था है — आप चाहो या ना चाहो, उसकी जवाबदारी बनती है। जब आप प्रकृति के लिए, समाज के लिए काम करोगे, निष्काम सेवा करोगे, बिना इच्छा-अपेक्षा के सेवा करोगे, आपको कुछ नहीं चाहिए — तो पूरी प्रकृति आपके साथ है, उसे करना ही पड़ेगा, क्योंकि वह उस पद पे हो गया। और बारिश-बवंडर से उसे क्या तकलीफ — वह इससे बहुत ऊपर उठ गया।

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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19