प्रश्नोत्तर P22-0181 · भाग 22
गुरु जी, आपने एस्ट्रोलॉजी में करियर शुरू किया था, उसमें नाम और पैसा था — उसका भ्रम आपने कैसे छोड़ा? क्या ग्रह-नक्षत्र के प्रभाव बदले नहीं जा सकते?
बदला नहीं जा सकता — इसीलिए मैंने छोड़ दिया। मैंने उस पर काम किया, देखा कि देखा तो जा सकता है, बदला नहीं जा सकता; फिर करना क्यों? और वहीं से "कुछ नहीं चाहिए" का संकल्प हुआ। देखा उसमें नाम, शोहरत, पैसा है, लेकिन मुझे ये तो नहीं चाहिए था — मुझे काम चाहिए था, और काम उसमें था नहीं। तो मैंने कहा चलो आगे बढ़ो, इसके आगे भी कुछ है। पता चला इसके आगे तुम हो — नाम, शोहरत, पैसा के आगे भी तुम हो और पीछे भी तुम। जब आगे भी मैं, पीछे भी मैं, तो फिर इसी को पकड़ लिया जाए — वह है, वह नहीं बदलता।
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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19