प्रश्नोत्तर P22-0192 · भाग 22
गुरु जी, आप कहते हैं आत्मज्ञानी में काम-क्रोध होता है — क्रोध का अर्थ तो समझ में आया, पर काम का अर्थ समझ में नहीं आया।
काम — वह कोई भी कार्य कर रहा है, उसके द्वारा कोई भी कार्य हो रहा है। कर्ता का भाव नहीं है, फिर भी कार्य हो रहा है।
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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19