प्रश्नोत्तर P23-0008 · भाग 23
महाराज जी, आप वाला मंत्र काम करेगा — ईमानदारी?
ये तो मूल मंत्र है, ये मेरा मंत्र ही नहीं। यही तो मंत्र है निकालने के लिए, और निकाल के भी खत्म हो जाएगा। ईमानदारी आग है — जैसे आग सबको जलाती है, बाद में खुद बुझ जाती है, ऐसे ही एक समय ऐसा आएगा। सत्कर्म आपको और ताकत देता है, और फिर एक समय ऐसा आएगा सब जल जाएगा — ईमानदारी भी गई और सत्कर्म भी गया। मैं कह रहा हूं ईमानदारी सत्कर्म अपना लो, सब खत्म है; सीधा है, बहुत साफ-सुथरा है, ज्यादा सोचो नहीं। बस फैसला खुद को करना है — पक्का निकलना चाहते हो? जिस दिन कहोगे 'हां, पक्का निकलना चाहता हूं', उस दिन दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती; और जब तक पक्का नहीं करोगे, दुनिया की कोई ताकत निकाल नहीं सकती। कृष्ण भगवान ने दुर्योधन के लिए बहुत प्रयास किया, निकाल पाए? कंस मामा के लिए बहुत प्रयास किए, बाद में मारना पड़ा। अर्जुन निकल पाए, क्योंकि पहले अर्जुन ने 'कुछ नहीं चाहिए' का प्रयास किया; बाद में कृष्ण ने प्रयास किया। लेकिन पहले उन्होंने बहुत परीक्षा ली — जब पक्का हो गया कि अर्जुन को अब कुछ नहीं चाहिए, तब कर्म का सिद्धांत बताया।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13