प्रश्नोत्तर P23-0012 · भाग 23
गुरु जी, अपना शुद्ध स्वरूप क्या है?
अशुद्ध को छोड़ दो, बस बात खत्म। अशुद्ध का नाप है, शुद्धता का नहीं — यह ध्यान रखना। अशुद्ध आपने पैदा किया है तो उसका दायरा है; शुद्धता का नहीं। अशुद्ध छोड़ दो, बस बात खत्म करो। क्योंकि जिसका दायरा है उसी से निकला जा सकता है; जिसका दायरा ही नहीं, उससे कैसे निकलोगे? अपवित्रता का दायरा है, पवित्रता का नहीं; उसका कोई नाप नहीं, वो अनंत में हो गया।
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वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13