प्रश्नोत्तर P23-0019 · भाग 23
गुरुदेव, अगर हम देखें तो लगभग 90 प्रतिशत मनुष्य अपना कल्याण ही चाहता है और मुक्त होना चाहता है, लेकिन फिर भी देखने में यह आता है कि अध्यात्म और सच्चाई पर कुछ दूर ही चल पाता है — ऐसा क्यों?
99 प्रतिशत लोग कामनाओं में घूम रहे हैं। मैं आपको सीधी बात बताता हूं — मुझे आज तक एक भी व्यक्ति नहीं मिला जो पूरी तरह मुक्त होना चाहता हो; अभी तक मेरे जीवन में नहीं मिला। बात करने वाले लोग हैं, लेकिन पूरी तरह तैयार कि बस अब मुझे पीछे नहीं जाना है — ऐसे लोग अभी तक नहीं मिले। मिलते तो हैं, लेकिन उनको पीछे जाना है। अभी तो प्लानिंग चल रही है, अपने को तैयार कर रहे हैं। जिस दिन निकलने के लिए तैयार हो गए, उस दिन पीछे नहीं जाओगे, तब निकल पाओगे। मुझे 13 साल में एक भी व्यक्ति नहीं मिला जिसे सच में निकलना है; बातें करने वाले खूब मिले। चलो, कम से कम तैयार तो कर रहे हैं — एक तरह से यह भी बेईमानी है, लेकिन समझ तो रहे हैं, कम से कम बेईमानी-दुष्कर्म कम तो कर रहे हैं, आ तो रहे हैं। कम से कम क्वार्टर पीना बंद करके मंदिर में घंटी तो बजा रहे हैं — परिवार तो ठीक है, पत्नी तो खुश है, बच्चे तो खुश हैं, गंदी आदतें तो छूटीं।
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वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13