आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P23-0030 · भाग 23

गुरु जी, क्या जीवन में गुरु दीक्षा एक बार ही लेनी चाहिए, एक बार ही गुरु मंत्र लेना चाहिए?

गुरु ज्ञान का प्रतीक है। मैं आपको कहानी बता रहा हूं, इससे समझ में आएगा। दीक्षा ले तो लिया, तीसरे दिन आश्रम छोड़ा, फिर आना-जाना लगा रहा। गुरु जी बोले — तू माला भी नहीं जपता। मैंने कहा, इतने लोग जप रहे हैं, सालों से जप रहे हैं, इतने लोगों को देख रहा हूं; जब आपने मंत्र दिया और इनका ही कुछ नहीं हुआ, तो मेरा कैसे होगा? तो मैंने गुरु मंत्र नहीं जपा, क्योंकि मुझे समझ में आ गया कि इससे कुछ होगा नहीं। फिर हम प्रसाद लेने जाते थे, ऐसे ही पांव छू लेते थे; बोले, आज तक माथा टेकना नहीं आया। हमने कहा — जितने लोगों को आया, उनका क्या हुआ? एक तो ऐसे ही हम फंसे हुए हैं, और आप नई-नई विधियों में उलझा रहे हो; अब यह माथा टेकना सीखने आए हैं कि कल्याण के लिए? हम यहां निकलने के लिए आए हैं आपके पास; हमारा जितना भाव है, उससे आपको प्रणाम कर रहे हैं, बस।

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वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13