प्रश्नोत्तर P23-0031 · भाग 23
गुरु जी प्रणाम, मिट्टी का घड़ा जब तक अग्नि में नहीं तपता, तब तक पक्का नहीं होता। क्या मनुष्य बिना त्याग-तपस्या किए ज्ञान प्राप्त कर लेगा?
आओ यहां, सत्संग में बैठ लो — उतना ही पक जाओगे; आओ, यहां बैठ जाओ। यहां आने वालों से पूछो, कितने लोग इंतजार करते रहते हैं कि कब सत्संग खत्म हो, कितने लोग झूलते रहते हैं — लेकिन मैं छोड़ने वाला नहीं। फिर मिलो या ना मिलो, हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन गलती से भी मिल गए हो तो चमका तो दूंगा, ये पक्का है। अब आए हो तो सुनना तो पड़ेगा, चाहे आप चाहो चाहे ना चाहो, क्योंकि मुझे मालूम है कि सुनने में ही आपका कल्याण है। आज मुझे गाली दे सकते हो, लेकिन आपको कभी न कभी समझ में आएगा। गाली ही सही, लेकिन मैं आपके काम आ जाऊं — बस यही मेरी जिंदगी है।
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वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13