प्रश्नोत्तर P23-0040 · भाग 23
गुरु जी, जब 'कुछ नहीं चाहिए' में आना है, तो फिर जो चाहिए उसके लिए काम कैसे करें? फिर से हम 'कुछ चाहिए' में आ जाएंगे।
इसे गहराई से समझो — जरूरत में जीना। जरूरत के लिए अगर कर रहे हैं, तो आप 'कुछ नहीं चाहिए' में जी रहे हैं। जरूरत से ज्यादा के लिए कर रहे हैं — बस वही 'कुछ चाहिए' है, उसी से तकलीफ है।
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वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13