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प्रश्नोत्तर P23-0047 · भाग 23

गुरु जी, कर्मों की बेईमानियां तो समझ में आईं कि कर्मों में कहां-कहां बेईमानियां होती हैं, कैसे होती हैं; पर हमारी जो पांच इंद्रियां हैं, उनसे हम जो बेईमानियां करते हैं वे कौन-कौन सी होती हैं? जरा उस पर विस्तार से बताइए।

सबसे ज्यादा भोग करते हैं आंखों से। पुरुष सबसे ज्यादा आंखों से भोग करता है। फिर भीड़ में स्पर्श से — जैसे बस में, ट्रेन में भीड़ में यात्रा करो, सामने स्त्री है, वह कह रही है जरा पीछे हटिए, और आप बोलते हो क्या करें, भीड़ है। आंखों से भोग तो आप कहीं भी करते हो। सबसे ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है आंखों से — आंखों से व्यक्ति बहुत भोग करता है — फिर इसके बाद मानसिक भोग में। आंखों के भोग में और मानसिक भोग में सबसे ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है। फिर बोल के, सुन के; फिर स्वाद से; स्पर्श इंद्रिय से बहुत कम भोग होता है। यही कारण है कि इंद्रियों को जो रस चाहिए वह एकांत में नहीं मिलता — ना आंखों को भोग है, ना शब्द है — इसलिए एकांत में नहीं रह पाते। एकांत में वही रह सकता है जिसे कुछ नहीं चाहिए।

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वीडियो: हम एकांत को बर्दाश्त क्यों नहीं कर पाते हैं ? #live #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2025-03-07