आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P23-0067 · भाग 23

गुरु जी, जैसे आपने कहा कि अपनी इच्छा के अनुसार कोई चीज नहीं मिलती तो हमें गुस्सा आता है। अब एक परिवार में जैसे पांच लोग हैं, उसका जो मुखिया होगा वह तो चाहेगा ही कि मेरे हिसाब से काम हो — जरूरी भी है, क्योंकि कुछ काम उसके हिसाब से ही सही होते हैं। नहीं होगा तो उसे गुस्सा आएगा। इस परिस्थिति में क्या करें?

अपने हिसाब से काम नहीं करना चाहिए, काम को काम के हिसाब से करना चाहिए — कभी भी जिंदगी में, चाहे वो गार्जियन हो चाहे परिवार का कोई भी सदस्य। गार्जियन एक पद है; पहले तुम्हारे पिताजी गार्जियन थे, उनके पहले दादाजी, तुम्हारा पद भी तुम्हारा बेटा छीन ले सकता है। यहां सब एक पद है — उस पद का काम करो, ना अच्छा बनने के लिए ना बुरा बनने के लिए, बस जिम्मेदारी से। बात यहां सही-गलत की नहीं है; सही-गलत के लिए काम करोगे तो फंस जाओगे। चपरासी से ले, मास्टर, प्रिंसिपल, मैनेजर — सबका काम है; ऐसे ही घर में गार्जियन का काम है, उसे गार्जियन के तरीके से करें, उसमें अपनी मिलावट ना करें। यही तो गड़बड़ी हो जाती है — गार्जियन खुद तंबाकू खाते हैं और बच्चों को रोकते हैं, खुद दारू पीते हैं और बेटे को नहीं पीने देते — यह कौन सा गार्जियन है? खुद गलत करेंगे और परिवार को दबाएंगे। सबसे पवित्र, शुद्ध गार्जियन होना चाहिए, उसी से तो परिवार प्रेरणा लेता है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: हम एकांत को बर्दाश्त क्यों नहीं कर पाते हैं ? #live #pratyakshgyan #yogijikasatsang · 2025-03-07