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प्रश्नोत्तर P23-0083 · भाग 23

गुरु जी, आप तो निकल चुके हैं ना — लेकिन निकल गए तो वापस भी तो आ सकते हो? क्या उपलब्धि के बाद भी आदमी मुड़ सकता है?

आ सकते हो — गलती करोगे तो आओगे। एक कैदी, एक अपराधी सजा काटा और बाहर आ गया, फिर अपराध करे तो फिर अंदर जाए — वो तो आपके हाथ में है। पहली बार जब खुदा के पास से, परमात्मा के पास से चले होंगे, तब तो शुद्ध रहे होंगे, पवित्र रहे होंगे ना? इसलिए जीवन को सोच-समझ के जीना पड़ता है। उपलब्धि के बाद भी बंदा मुड़ सकता है — वो गलत कुछ करे तो मुड़ सकता है; गलत ना करना उसके ऊपर है। इसलिए तो इतना जांचना पड़ता है। गुरु से गलती हो नहीं सकती, लेकिन कर तो सकता है — अपनी समझ से। जज सबको सजा दे रहा है, वो चाहे तो खुद भी गलती कर सकता है; राजा देश चला रहा है, वो चाहे तो कैदखाने में भी जा सकता है। इसलिए पूरा जीवन सोच-समझ के, होश में जीना पड़ता है।

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वीडियो: अभेद होते हुए भी भेद क्यों लगता है ? #livesatsang #livesatsangyogijika · 2025-03-07