आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P23-0084 · भाग 23

गुरु जी, हम यहां कुछ सेवा कर ही नहीं पाते — ना बर्तन साफ किए, ना कुछ काम कर पाए।

अपनी थाली धो लो, इतना बहुत है; और आत्मिक कल्याण करो, यही सेवा है। मानव तन की प्रथम सेवा यही है कि अपना आत्मिक कल्याण करे — इसी को सेवा कहते हैं। ये नहीं किया तो किसी सेवा का कोई मतलब नहीं है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: अभेद होते हुए भी भेद क्यों लगता है ? #livesatsang #livesatsangyogijika · 2025-03-07