प्रश्नोत्तर P23-0189 · भाग 23
गुरु जी, क्या मैं ही ब्रह्म हूं?
नहीं, कुछ नहीं बोल सकते, क्योंकि वह 'क्या है' से परे है। देखिए, बोला भी गया है — शब्द, दृश्य, गंध, रस, स्पर्श से परे — तो फिर कैसे उसके बारे में वर्णन किया जाए? वह वाणी का विषय नहीं; नहीं बोला जा सकता, कोई नहीं बोल पाया आज तक। प्राप्त किया है लोगों ने, पहुंच गए वहां, बस उसकी बात बोल के नहीं हो सकती — संभव नहीं।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: साधक की दिनचर्या क्या होनी चाहिए ? / दिनचर्या साधक की #livesatsang · 2025-03-12