आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P23-0190 · भाग 23

गुरु जी, सब कुछ परमात्मा ही है, तो क्या परमात्मा निराकार ब्रह्म है?

आपको या किसी को भी मैं एक ही बात कहूंगा — पहले अपने दलदल से अपने आप को छुड़ाओ; परमात्मा की बात ना करो तो ज्यादा ठीक होगा। अशांत भरे जीवन से, परेशान भरी जिंदगी से कैसे छुटकारा पाओ और अपने आप में आओ — पहले तो यह काम करो। राग-द्वेष से मैं अपने आप को कैसे छुड़ा लूं, इस पर काम करो; परमात्मा-आत्मा की बात ना करो तो ज्यादा ठीक है — यह मेरी सलाह है, उन बातों में समय बर्बाद होगा। मुख्य प्रश्न लोग अपना पूछते नहीं; सभी लोग दुखी हैं, दुख से निवृत्ति चाहते हैं, और बात इधर-उधर करते हैं। तीन तरह के ताप हैं — दैहिक, दैविक, भौतिक — उनसे लोग त्रस्त हैं, छूटना चाह रहे हैं, पर वह पूछते नहीं। वे अपने दुष्कर्म से दुखी हैं — बेईमानी, दुष्कर्म छूट जाए; पर बातें वह पूछते हैं जिनका जीवन में कोई महत्व नहीं।

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वीडियो: साधक की दिनचर्या क्या होनी चाहिए ? / दिनचर्या साधक की #livesatsang · 2025-03-12