प्रश्नोत्तर P23-0197 · भाग 23
गुरु जी, ऐसा लगता है कि कुछ न कुछ करना है, जो पीछे संसार में कर लिया वह नहीं — पर यह पता नहीं लग रहा कि वास्तव में करना क्या है?
पता है तभी तो खोज रहे हो; अगर पता नहीं होता तो भटकते ही नहीं, तब तो भटकाव का भी पता नहीं होता, खोज ही नहीं होती, जहां भी होते पड़े रहते। पड़े रहना अच्छा नहीं लग रहा, इसका मतलब कुछ करना है। अब यह पता आप ही को लगाना है कि मैं क्या करके वहां तक पहुंच जाऊंगा जहां कुछ न करना हो, क्योंकि आपको क्या चाहिए अगर बताओगे तभी सामने वाला आपको पता बताएगा। मान लीजिए आपको दुनिया का हर मार्ग मालूम हो और कोई आकर कहे मुझे मार्ग बताओ, तो आप पूछोगे ना भाई कहां जाना है? इतना तो उसे बताना पड़ेगा, नहीं तो आप कैसे बताओगे। तो कहां जाना है इसका पता आप ही को लगाना है, यह आप ही को पक्का करना है। यहां कुछ उद्देश्य से, कुछ लक्ष्य को लेके आए होंगे — जिस लिए आए थे वह हो रहा है या नहीं, यह आपको पता चलेगा; हो रहा है तो उस पर काम करो, और कहीं समझ में नहीं आ रहा है तो पूछो।
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वीडियो: साधना में ध्यान रखने योग्य विशेष ज्ञान / #योगीजी_का_सत्संग #साधना #ध्यान #ज्ञान · 2024-08-01