प्रश्नोत्तर P24-0014 · भाग 24
गुरु जी, शरीर में मन और आत्मा दोनों रहते हैं — क्या मन और शरीर का नाश हो जाएगा?
रूप का नाश हो जाएगा, तत्व का नहीं। रूप का नाश बोल सकते हो, क्योंकि रूप को नाश होते हुए आपने देखा है; मन का तो आता-पता ही नहीं — शरीर में बताओ मन कहां है, कब आता है, कब पैदा हो जाता है। मन चाहिए में बड़ा होता है, चाहिए में काम करता है। फिर इसको चाहिए छुड़ाना होता है — धीरे-धीरे जैसे यह बड़ा हुआ है वैसे उसे छोटा करना पड़ता है, वापस छोटा होके फिर शायद यह विलय हो जाता होगा। जो भी हो, बस अपने को साधना है, अपने आप को चाहिए से मुक्त करना है।
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वीडियो: साधना में ध्यान रखने योग्य विशेष ज्ञान / #योगीजी_का_सत्संग #साधना #ध्यान #ज्ञान · 2024-08-01