आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0015 · भाग 24

गुरु जी, तो फिर अद्वैत का मतलब अनेक हो गया — द्वैत और अद्वैत का सही अर्थ क्या है?

द्वैत मतलब अनेक इच्छाएं हैं हमारी, तो द्वैत हो गया; और हम इन इच्छाओं से मुक्त हो गए तो सब एक जैसे हो गए। जैसे आपने दूर से फल की दुकान देखी, पूछा जाए क्या है, तो बोलोगे फल — यह अद्वैत है, क्योंकि आपको चाहिए नहीं। अब फल चाहिए, दुकान पर गए, तो कहोगे यह नहीं, यह छोटा है, यह कच्चा है, यह सड़ा है, अच्छे-अच्छे दे दो — एक के प्रति लगाव हो गया, एक के प्रति द्वेष हो गया, यह द्वैत है। नहीं चाहिए में आ गए तो सब वैसा का वैसा है — वह अवस्था अद्वैत है। जैसे एक स्त्री-पुरुष की शादी हुई तो दोनों के लिए सारे रिश्ते बदल गए — जुड़े एक से, बदल सब गए, और किसी को बताना नहीं पड़ा कि कौन ससुर है, कौन सास; पहले कितना भी प्रयास करते तो नहीं बनता। वैसे ही जब आप अपने आप से मिलोगे, पूरी सृष्टि आपके लिए बदल जाएगी, पूरा दृष्टिकोण बदल जाएगा। अद्वैत का मतलब यह मत समझिए कि बस एक ही है और वही मैं — यह अहंकार बहुत लोग पाल के अपनी यात्रा रोक के बैठ गए।

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वीडियो: साधना में ध्यान रखने योग्य विशेष ज्ञान / #योगीजी_का_सत्संग #साधना #ध्यान #ज्ञान · 2024-08-01