आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0020 · भाग 24

गुरु जी, क्या आपका कोई पूर्व जन्म का अनुभव है जिससे आप बचपन से ही माया की तरफ नहीं गए और रिश्तों को मतलब का समझते रहे?

मुझे सबसे बड़ी गलतफहमी दुनिया में यह थी कि मैं कुछ लोगों को शायद सुखी कर पाऊंगा। लेकिन वो सुखी होने से तो दूर, अत्यंत असंतुष्ट हो गए — तूने उस लड़के की नौकरी लगवा दी, मेरी नहीं लगवाई; उस अयोग्य का ये करवा दिया, मेरा नहीं करवाया। तो वो सब अब विभिन्न कारणों से अपने-अपने घरों पर बैठे हुए हैं और मेरी तरफ मुंह करके गालियां देते होंगे। किसी को कभी संतुष्ट नहीं किया जा सकता — आप चाहे मर जाओ उनके लिए, लेकिन आप किसी को संतुष्ट नहीं कर सकते, आप कितने काम कर दोगे। यहां संतुष्ट होने आए हो कि समझने आए हो? आए हो तो समझो, इशारा ही काफी है। संतुष्टि तो तभी होगी जब आत्मा का परमात्मा से मिलन हो, उसके पहले हो ही नहीं सकती।

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वीडियो: अपनी दिव्य ऊर्जा को कैसे बढा़ए ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-09-03