आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0029 · भाग 24

गुरु जी, कोई कहे कि पद पर ऐसा ही होता है — दबाव में या अनजाने में निर्दोषों के साथ गलत हो गया — तो क्या उसका फल भी भोगना पड़ेगा?

कोई पद दिया जाता है तो आपकी योग्यता को दिया जाता है, आपको नहीं दिया जाता; और उसके काम बताए जाते हैं, और वो काम फिर आपको काम के तरीके से करना है। अगर किसी ने चोरी की, तो आपने किसी निर्दोष को कैसे उठा लिया? आपको डीएसपी पद पे, एसपी पद पे रखा गया तो उसका काम है कि आप एकदम पक्का वही आदमी उठाओ — ऐसा नहीं कि किसी को भी उठा के पीटो, मेहनत नहीं। चलो, मैं आपसे प्रश्न करता हूं — आपके बच्चों को कोई उठा के रात भर पीटे, क्या उसे कभी माफ करोगे? नहीं। तो उन्हें भी माफ नहीं किया जाएगा, और वो भोगेंगे। यही कर्म का सिद्धांत है — भोगना ही पड़ेगा, और कोई ऑप्शन नहीं है; दुनिया की कोई ताकत नहीं बचा सकती। अब कर्म तो उसने किया, और बाकी लोग, जिसको-जिसको उसने सहयोग किया, सब मस्त मलाई-आइसक्रीम खा के जी रहे हैं; लेकिन वो आदमी एकदम घुटन में जी रहा है। पैसा आ रहा है, रखा है, लेकिन खा नहीं सकते; अशांति में जी रहे हैं। बीच पे बैठ के सिंगदाना नहीं खा सकते, पेड़ के नीचे बढ़िया से आराम से बैठ नहीं सकते — छुपा रहे हैं अपने आप को। कहां छुपा लूं? नहीं छुपा पाओगे — भोगना पड़ेगा।

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वीडियो: अपनी दिव्य ऊर्जा को कैसे बढा़ए ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-09-03