आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0035 · भाग 24

गुरु जी, गुरु गृहस्थ को बनाएं या विरक्त को? मार्गदर्शन करें।

गुरु ज्ञान का प्रतीक होता है; जो आपके प्रश्नों के उत्तर दे दे, वो गुरु योग्य है। गुरु ना गृहस्थ होता है, ना संन्यासी होता है — गुरु स्थिति होता है। वो जहां भी मिल जाए, बना लो। और उसे क्या बनाओगे? वो आपको बनने-बनाने से मुक्त करा देगा — वही गुरु होता है। ना तुम बनने लायक रहोगे, ना बनाने लायक।

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वीडियो: आत्म परिचय क्या है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-07-06