आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0034 · भाग 24

गुरु जी, क्या प्रारब्ध को पूरा भोगना पड़ता है, या कर्मफल भोगे बिना नष्ट भी हो जाते हैं? क्या ईश्वर भक्ति, नाम जप से प्रारब्ध के बुरे कर्मफल को बदला या नष्ट किया जा सकता है?

पूरी तरह नहीं, कुछ। जैसे मान लीजिए जज ने सजा दे दी, तो अगर कैदी का आचरण सही रहा, भाव सही रहा, सेवा की, तो जेलर को इतना अधिकार है कि वो एक लेटर बनाए और उसका पूरा ब्यौरा दे — कुछ परसेंटेज माफ करवाने के लिए। तो उसकी पूछताछ आएगी; अगर वो बात सही निकली तो उसकी कुछ सजा माफ की जाएगी।

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वीडियो: आत्म परिचय क्या है ?#yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-07-06