आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0073 · भाग 24

गुरुजी, आपने कहा कि गौतम बुद्ध को हठ योग से मिला — वो हठ योग क्या था?

हठ योग मतलब करते-करते थक गए, सब छोड़ दिया उन्होंने। फिर बैठ गए और बोले कि उपलब्धि होगी तभी उठूंगा, नहीं तो नहीं उठूंगा — इसी को हठयोग बोलते हैं। जिद कर लिया कि हां तो हां, ना तो ना, बस बात खत्म — इतना बड़ा संकल्प चाहिए। ये संकल्प उनको एक दिन में नहीं आया; वो पहले कर-कर के थक गए थे, कई साल लगे उनको इस संकल्प तक पहुंचने में। उन्होंने सोचा, अगर उपलब्धि नहीं हुई तो मैं रह के क्या करूंगा? इससे अच्छा तो मैं खत्म हो जाऊं — खत्म तो होना ही है, 20 साल बाद या अभी, बस यही फर्क है, और 20 साल की भी कोई गारंटी नहीं। तो साधक करते-करते थक जाता है तो ऐसे भी कर लेता है — ये हठ योग। लेकिन पहले दिन नहीं अपनाया; कई सालों तक प्रयास करते-करते थक गए। मुझे भी 2011 से 2020 लग गए। तब खोज में मेहनत थी, अब देने में मेहनत है — अब आप लोगों के लिए करना पड़ रहा है। लेकिन लोग समझें तब ना। यहां आते ही कहते हैं मुझे कुछ नहीं चाहिए, परमात्मा के अलावा कुछ नहीं चाहिए; दूसरे दिन बोलते हैं जा रहा हूं, जरा कमी है पूरा करके आता हूं।

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वीडियो: इस प्रकृति में पूर्ण कौन और अपूर्ण कौन है ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-06