प्रश्नोत्तर P24-0075 · भाग 24
गुरु जी, ये कैसे तय करें कि कोई अपनी योग्यता से ज्यादा पाने की कोशिश कर रहा है?
सबको पता है, जानवर तक को पता है। बिल्ली चूहे पे वार करती है, कुत्ते पे नहीं; कुत्ता बिल्ली पे वार करता है, शेर पे नहीं। सबको अपनी योग्यता पता है। अभी मैं आपसे बोलूं कि चलो एक करोड़ की गाड़ी लेते हैं, तो तुरंत आपको अपनी योग्यता, अपनी जेब का पता चल जाएगा। मैं बोलूं इनसे लड़ो, तो आपको तुरंत पता है कि हार जाओगे या जीत जाओगे। जितनी योग्यता है उससे ज्यादा पाने के लिए भागने की जरूरत नहीं है। मिल गया तो भी आप पछताओगे, नहीं मिला तो भी पछताओगे। मिला तो संभाल नहीं पाओगे, क्षमता नहीं है; और नहीं मिला तो फिर द्वेष होगा कि मिला क्यों नहीं। इतिहास में देखिए, जब भी किसी को योग्यता से ज्यादा मिला है, उसने अपना पतन ही किया है। कितने लोगों को लॉटरी मिली, फिर वो गरीब हो गए। आप इतिहास उठाओ, अपने जीवन में देखो। और जो मेहनत करके गया है, वो वहीं खड़ा है आराम से। मैं खजुराहो गया था। मेरी आदत है रिक्शा वाले को भी मैं अपने साथ भोजन कराता हूं। मैंने सूप मंगाया, उसने एक चम्मच लिया, दूसरा लिया, बोला मुझे जम नहीं रहा, समोसा दिला दो। ₹40 का सूप नहीं जमा, ₹10 का समोसा जम गया। देखा जाए तो सूप फायदेमंद भी है, लेकिन उसका काम समोसे में हो गया। ये है अपनी-अपनी सामर्थ्य, अपनी-अपनी योग्यता। इसलिए मेरा कहना है कि योग्यता से ज्यादा पाने की इच्छा का त्याग करो।
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वीडियो: इस प्रकृति में पूर्ण कौन और अपूर्ण कौन है ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-06