आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0076 · भाग 24

गुरु जी, योग्यता जन्मजात होती है क्या?

योग्यता आप अपने कर्म से बढ़ा-घटा सकते हो। और जन्म से मिल रही है तो आपने पिछला कर्म किया है ना, तभी तो। सबको बुद्धि का स्तर, धन का स्तर, समझ का स्तर, शरीर की ताकत अलग-अलग मिली है। किसी को बल कम मिला, किसी को ज्यादा — क्यों? कुछ तो किया होगा। हाइट, पर्सनालिटी, आत्मविश्वास — क्यों कम-ज्यादा मिल रहा है? कोई सुंदर, कोई कुरूप क्यों? कर्म से। धन की ताकत कर्म से, शरीर की ताकत कर्म से, समझ की ताकत कर्म से मिलती है। कितने लोग मंदबुद्धि होकर घूम रहे हैं, कोई पैदा होते ही बीमार है, लंगड़ा है, हाथ-पांव पटकता रहता है — उन्हें तो कर्म का सिद्धांत भी नहीं पता, अच्छा-बुरा भी नहीं पता। कुछ तो बात है। उनके लिए आप इतना सहयोग कर सकते हो कि उनके मां-बाप गरीब हैं तो उन्हें काम-धंधे पर लगा दो, जिससे वो उनकी सेवा सही से कर सकें। समझने की क्षमता देना किसी के बस में नहीं है; समझाने के बाद भी इंसान नहीं समझता। हां, योग्यता बढ़ाई जा सकती है — मेहनत से। कोई बंदा पढ़ के पीएचडी भी तो बन सकता है। ये बालक अभी कमजोर है, लेकिन दो साल इसे काजू-बादाम खिलाओ और बढ़िया ट्रेनिंग कराओ, तो कहेगा अब मैं पटक सकता हूं। फिर ये भी देखना पड़ेगा कि ट्रेनिंग देने वाले की योग्यता क्या है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: इस प्रकृति में पूर्ण कौन और अपूर्ण कौन है ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-06