प्रश्नोत्तर P24-0077 · भाग 24
गुरु जी, नशा — पूरी दुनिया में लोग इसके पीछे भाग रहे हैं, चाहे ड्रग्स हो, अल्कोहल हो, तंबाकू हो। लोग इसके पीछे क्यों पड़े रहते हैं? यूरोप में तो लोगों को जिंदगी बेकार लगती है।
देखिए, जीवन जीने का कोई आधार चाहिए, कोई बेस चाहिए। आदमी खा के, भोग भोग करके थक गया। थक गया तो करे क्या? जीवन में अध्यात्म नहीं है, तो फिर करे क्या? भोग से भी थक गया, भोजन से भी थक गया, नाम-शोहरत-पैसे से भी थक गया, तो नशे में लीन हो जाता है, नशे के सहारे जीने लगता है। उधर ईमानदारी है, पक्कापन है, लेकिन अध्यात्म नहीं है, इसलिए इस तरफ जा रहे हैं। घुटन तो है जिंदगी में, अशांति तो है। चाहे जितनी अच्छी लाइफ जियो, अशांति रहती है।
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वीडियो: इस प्रकृति में पूर्ण कौन और अपूर्ण कौन है ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-06