प्रश्नोत्तर P24-0080 · भाग 24
गुरु जी, कृष्ण जी ने द्रोणाचार्य को मारने के लिए युधिष्ठिर से जो बुलवाया 'अश्वत्थामा मारा गया' — वो ईमानदारी हुई या बेईमानी?
कृष्ण भगवान सलाहकार थे, और युधिष्ठिर के अंदर झूठ था, वो निकला। सलाहकार युद्ध जिताने के लिए सलाह देता है; सलाहकार का काम है कि आप कैसे युद्ध जीत लो। और अधर्म की शुरुआत कौरवों ने पहले कर दी थी, अभिमन्यु को घेर के मारकर। घुमा-फिरा के अधर्म को मारने के लिए अधर्म का सहारा लेना पड़ता है। तो वहां युधिष्ठिर के अंदर झूठ था, और कृष्ण भगवान तो सलाहकार थे — सलाहकार ना झूठा होता है ना सच्चा, उसका काम है युद्ध जिताना। वही अर्जुन — जब उन्हें बोला युद्ध करो, बोले नहीं करूंगा, मुझे कुछ नहीं चाहिए, मैं जा रहा हूं। अर्जुन ने बात क्यों नहीं मानी? अर्जुन के अंदर कुछ नहीं था, पक्का था। और युधिष्ठिर को राजगद्दी चाहिए थी, राजा बनना था — इनके अंदर झूठ था, तो निकला। सत्यवादी के मुंह से थोड़ी ना निकलेगा।
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वीडियो: इस प्रकृति में पूर्ण कौन और अपूर्ण कौन है ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-06