प्रश्नोत्तर P24-0102 · भाग 24
योगी जी, मैं हैरान हूं — एक 25 साल का लड़का है, मैकेनिकल इंजीनियरिंग का कोर्स कर रहा है, फिर भी छोटे-मोटे काम में भी उसमें ये जिज्ञासा नहीं है कि ये कैसे होता है, वो कैसे होता है। बच्चे तो अपने खिलौने भी खोल के बैठ जाते हैं — तो वो सीखना क्यों नहीं चाहता?
ना करना भी तो एक टैलेंट है — कि मैं 25 साल में भी देखो, मेरा बचपना का बचपना रहा, मैं बचपने से आगे नहीं गया। अभी भी मैं उतना ही करता हूं जितना आप कहते हो। उसे आज्ञाकारी भी नहीं बोल सकते, क्योंकि जब आता ही नहीं तो आज्ञाकारी क्या बोलें? उसमें कुछ करने का, कुछ सीखने का भाव पैदा नहीं हुआ। वो भाव तब पैदा होता जब उसके साथ, आसपास वाले उस दौड़ में होते। सबकी अपनी-अपनी एक दोस्ती-यारी होती है — अब उस सर्कल में कैसे लोग हैं, व्यक्ति वैसा ही बनता चला जाता है। सबकी एक झुंड होती है, और सबके झुंड में घुमा-फिरा के वैसे के तैसे ही लोग रहते हैं। तो सीखने का भाव नहीं जगा, कुछ करने का भाव नहीं जगा — बस जीना है, खत्म हो जाना है।
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वीडियो: काम उसी पे करना चाहता हूँ #योगी · 2026-10-21