आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0123 · भाग 24

गुरु जी, मैं पूरी कोशिश कर रही हूं, मेरी जिम्मेदारी-दायित्व भी पूरे हो चुके हैं, फिर भी कुछ तो है जो मुझे बांध रहा है। वो क्या है?

तू ही तुझे बांध रही है, और कोई नहीं है तेरे अलावा बांधने वाला। तू ही तुझको बांध के रखी है। कोई नहीं बांधा है — क्योंकि अगर जिम्मेदारी होती तो मैं कहता जिम्मेदारी ने बांधा है, कर्तव्य ने बांधा है। जब ऐसा कुछ है ही नहीं, तो फिर तूने ही तुझको बांधा है। इस दोष से मुक्त हो जा, और अपने निकलने के लिए पूरा लग जा। जब पूरी तरह लगेगी, तभी निकल पाएगी।

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