प्रश्नोत्तर P24-0148 · भाग 24
गुरु जी, पैसे वाले के आगे पुलिस भी बिकती है, न्यायालय भी बिकता है, रिपोर्ट गलत लिखी जाती है — तो सही होकर भी अपने आप को सही सिद्ध करना कहां हो पाता है?
अरे नहीं, मैं भी जिंदगी जिया हूं। मैंने भी कार चलाई है, बाइक चलाई है, मुंबई में भी रहा, लेकिन आज तक कभी ऐसा पुलिस वाला नहीं मिला कि मुझसे गलत फाइन लिया हो। ट्रैफिक पुलिस हो चाहे जो पुलिस हो — एक बात बताएं, सब में मानवता होती है; लेकिन आप किस तरीके से उससे पेश आए हो? मेरे समझ से तो मैं इस बात से सहमत नहीं हूं; आप लोग भले सहमत हो। आप आगे जाइए। अगर आप पक्के सही हैं तो कानून आपकी पूरी मदद करेगा, जहां तक मैंने समझा। और जो पैसे वाला जेल में जाता है, उसके लिए वहां फाइव स्टार सुविधा हो जाती है — वो अलग बात है। अपुन उससे हटके हैं। अपुन तो एक ही बात कहते हैं कि ईमानदारी से जियो। जो जैसा कर रहे हैं, उसका परिणाम वो भोगेंगे। आप ईमानदारी से जियो।
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वीडियो: साधना में आसन की शुद्धता का क्या महत्व है ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्म · 2026-09-08