आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0167 · भाग 24

गुरु जी, पहले जानकारी के अभाव में मैंने इच्छा-पूर्ति के लिए पूरी कोशिश से नाम जप किया, धुनों का रसपान किया। अब जब मैं खुद को गहराई से देख रहा हूं, तो वही पुराना प्रयास और वो धुनें बीच-बीच में आकर मुझे भटका रही हैं। इसे कैसे काटूं?

वही आपने जो किया है, वो सामने आएगा। अब वो धीरे-धीरे हटेगा — समझ-समझ के। धुन बीच-बीच में आ रही है तो कुछ नहीं, बस देखो; और क्या करें? झेलो उसे।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: साधना में आसन की शुद्धता का क्या महत्व है ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्म · 2026-09-08