आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0169 · भाग 24

गुरु जी, 'ईमानदारी और सत्कर्म' ये दो शब्द बोले बिना बताइए — कुछ नहीं में कैसे आएं? बिना बोले कैसे समझें?

अगर आपके पास प्रश्न है तो यहां उत्तर है; पहुंचा के ही रहूंगा। आप बोलोगे मुझे बोलो मत और बता दो, तो भी बता दूंगा। एक स्त्री गर्भ धारण किए है, और उससे कोई कहे कि बिना बोले मुझे बता दो तुम गर्भवती हो — तो तुम्हारे पास इतनी बुद्धि होनी चाहिए कि उसका पेट देख लो। पहला-दूसरा महीना है तो इंतजार करो, नौ महीने उसके साथ रहो, दिन-रात उसे देखते रहो — बिना बोले समझ जाओगे, रिजल्ट आ जाएगा। तीसरे महीने से समझने लगोगे, और नौवें महीने में भी नहीं समझे तो भी फाइनल रिजल्ट सामने आ जाएगा कि ये ले, यही है। और ये भी देख लेना किसके पास रुक रहे हो — भैंस का 11 महीने, बकरी का कुछ महीने, हाथी का 22 महीने होता है। लेकिन रिजल्ट से पहले ही बदलाव दिखने लगता है; ऐसे बहुत लक्षण होते हैं जिन्हें देखकर पता लग जाता है। समझो और इंतजार करो।

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वीडियो: साधना में आसन की शुद्धता का क्या महत्व है ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्म · 2026-09-08