आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0172 · भाग 24

गुरु जी, अपनी किताब पढ़ने का मतलब अतीत को ताजा करना है क्या?

अपनी किताब पढ़ने का मतलब — पढ़कर उससे अपने आपको निकालना है। लिखा है तो एक बार तो पढ़ना पड़ेगा। पढ़ के मिटाना भी तो है; पढ़ोगे तब देखोगे कि मिटाने लायक क्या है, क्या नहीं। जब देखोगे मशीन बिगड़ी कहां है, तब वही सामान लाओगे ना। और अगर आपसे नहीं सुधरती, तो अपने से बड़े मैकेनिक के पास जाओ जो सुधार सके — लेकिन वो मैकेनिक मशीन को अपने हिसाब से सुधारेगा, आपके तरीके से नहीं। आपको तो खड़ा भी नहीं करेगा, कहेगा साइड में हो जाओ; उसमें आपकी राय नहीं चलेगी। अगर आप कहोगे ऐसे नहीं, ऐसे सुधारो, तो वो निकल लेगा, उसके पास इतना समय नहीं है। या तो खुद से सुधारो।

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वीडियो: साधना में आसन की शुद्धता का क्या महत्व है ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्म · 2026-09-08