आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0178 · भाग 24

गुरु जी, जब आप निकले थे तब आपको आत्मज्ञान पाना था या भगवान पाना था? आत्मज्ञान की समझ बाद में आई?

शुरुआत में तो भगवान, परमात्मा; बाद में आत्मज्ञान की समझ आई। मुझे लगा आखिरी आत्मज्ञान है — चलो फाइनल आत्मज्ञान तक पहुंच जाते हैं। और जब आत्मज्ञान पर पहुंचे तो पता चला कि अब तो यात्रा की शुरुआत होगी। अगर मुझे पहले ही पता होता कि आत्मज्ञान अलग, ब्रह्मज्ञान अलग, तो मैं सीधा आखिरी में रुकता। आत्मज्ञान के बाद पता चला कि अभी तो यात्रा की शुरुआत हुई; अभी तक तो शुरुआत के लायक बन रहे थे। तो आप लोगों की यात्रा की शुरुआत अभी नहीं हुई है, अभी तो प्लानिंग कर रहे हो। आत्मज्ञान तक पहुंचे, उसके बाद यात्रा की शुरुआत होती है। भ्रम में मत रहना — अभी तो लाइन में खड़े हो, अभी तैयारी कर रहे हो।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: साधना में आसन की शुद्धता का क्या महत्व है ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्म · 2026-09-08