आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0182 · भाग 24

गुरु जी, अगर उसे बोल दें कि जब हो तब देना, तो फिर वो भी एक उम्मीद बन जाएगी कि वो दे देगा?

किसकी उम्मीद? आप तो उसके ऊपर छोड़ दिए ना। उम्मीद यह है कि वो होगा तो दे देगा — कोई बात नहीं। इसमें आप फंसे नहीं रहोगे, राग-द्वेष नहीं होगा। इस तरीके से उससे निकल सकते हो। और अपने ही मन को समझा लूं कि नहीं आएगा — ऐसे मन नहीं समझा सकते, हो ही नहीं सकता। मैं आपको बता रहा हूं — लेने में जितनी ताकत दिखाते हो, उसके यहां से उतनी नेगेटिव एनर्जी आपको आती है। अगर आप उसे बोल दोगे कि "मैंने भी समझा कि आप मजबूर हो, आपके पास नहीं है, जब आपके पास होगा तो देना" — तो वहां से आपको पॉजिटिव एनर्जी आने लगेगी।

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वीडियो: ध्यान कैसे करें । ध्यान कैसे करते हैं ।ध्यान मे ध्यान । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14