प्रश्नोत्तर P24-0185 · भाग 24
गुरु जी, आपने बताया था कि कर्म के पहले और कर्म के बाद जो भाव होता है, उससे निर्णय होता है। अब एक भाव उठा कि इस क्रिया को इस तरह करेंगे, पर स्थिति-परिस्थिति के हिसाब से वो क्रिया वैसी नहीं हो पा रही। तो क्या हम भाव में गिर गए?
दूसरा भाव कहां उठा? दोनों भाव उठेंगे तब कुछ होगा ना। एक भाव बना — मैं करूंगा — और किया ही नहीं, तो दूसरा भाव आया ही नहीं, तो बात ही खत्म। दूसरा भाव तो कर्म के बाद आएगा ना। कर्म के पहले एक भाव, कर्म के बाद एक भाव बनता है — उससे फल का निर्णय होता है। कर्म तो हुआ ही नहीं। दोनों होना चाहिए, प्लस-माइनस मिलेंगे तभी कुछ होगा। कर्म होगा तभी दूसरा भाव पैदा होगा। और दूसरा भाव ही मेन है — वो कर्म के बाद ही बनता है, उसमें आप कुछ नहीं कर सकते।
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वीडियो: ध्यान कैसे करें । ध्यान कैसे करते हैं ।ध्यान मे ध्यान । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-14