प्रश्नोत्तर P24-0191 · भाग 24
गुरु जी, हमें इसकी पूरी जरूरत क्यों नहीं लगती?
जरूरत लगती है, ऐसा नहीं है। समझ में तो आता है — जब कोई ऐसी स्थिति पहुंचता है तो पूजनीय हो जाता है, हम उसका सम्मान भी करते हैं कि इन्होंने अपने जीवन को तार लिया। सब समझ में आता है। लेकिन अटैचमेंट क्या है? लालच। कुछ चाहिए, कोई उम्मीद दे रखी है या ले रखी है, कुछ करने का जज्बा, कुछ करने की इच्छा, बड़ा बनने की इच्छा, कुछ दिखाने की इच्छा — अपने टैलेंट को, अपने विवेक को, अपनी समझ को। मैं कह रहा हूं, ये दिखाना ही है तो आत्मिक कल्याण में दिखाओ ना। आपके विवेक-समझ का तब पता चलेगा जब आप आत्मिक कल्याण करोगे। वो (बाहर का) तो बहुत छोटा दायरा है। आपका टैलेंट अगर इतना ही है, तो आत्मिक कल्याण करके बताओ, आत्मज्ञान की स्थिति पहुंच के बताओ — तब आपके टैलेंट का पता चले।
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वीडियो: अंतर्मुखी कैसे हो ?अंतर्मुखी होने का रहस्य । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-27